मनुष्य की सोच !!
आज इस पल में तू खुश है , कल जाने कब तुझे रोना है।।
जीले जी भर के इस पल को , जाने कल क्या होना है।। तू है मुसाफिर उस सफ़र का , जहा कभी कुछ पाना है - कभी खोना है।। तू खुद को कह ले कठपुतली , पर हाँ तू एक खिलौना है।। इस भाग दौड़ भरे जीवन में , जहा सबसे महंगा सोना है।। तेरा मालिक तू खुद ही नहीं , यह सच थोरा सा घिनोना है।।
तू चलता , गिरता , उठता है , क्यूंकि कद में तू बौना है।।
तू खुद को कर ले यूँ बुलंद , की तुझको साबित होना है।। |
ईश्वर के जवाब !!
बन जा पतंग का वो मंझा , जो कट के भी चोट दे जाये।।
लाख तुफानो को भी तू , हँसते हँसते सह जाये।। बन जा सूरज की वो किरण , जो जग में उजियारा कर जाये।। तेरी आहत की हो खबर , तो दुश्मन भी तुझसे दर जाये।। बन जा शब्दों की वो मिश्री , जो पत्थर दिल भी पिघल जाये।। बन जा इश्वर की वो भक्ति , जो हर गम का घूंट निगल जाये।। बन जा हर नजर की वो सूरत , की हर मूरत तुझसी बन जाये।। दुनिया में वो एक नाम तू बन , की तेरे अपनो का सीना तन जाये।। |
MA.. !!!!
Mamta ki murat hai , pyari si surat hai.. Tere kadmo me zindgi , kitni khubsurat hai..!! Tune chalna sikhaya , jeena sikhaya.. Har maud par , khud ko parakhna sikhaya.. Tune sukh bhi dikhaya , dukh bhi chakhaya.. Har pal , har ghadi me , hansna sikhaya..!! Jo khud se bichdu , to tu tham leti hai.. Dua me hamesha , mera naam leti hai.. Tune khud ko hai khoya. , mujhko hai paya.. Ek matti ki murat ko , insan banaya..!! Na tuzsa hai koi , duja jahan me.. Jo tuzko hai paya , wo naseebo se paya.. Ho andhra - ujala raho me jitna.. Tera sath ho to , khuda mene paya..!! Tu khud ko thakakar , hamko banati hai.. Tere sajde me MA , meri ankhe jhuk jati hai.. Tu sakhi saheli , ek shakti kahlati hai.. Tuzsi mamta , zindgi naseebo se pati hai.. :)
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