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धुंधले शब्द !!!

ना रे, कहा रोइ मैं?

बधाई भरा गुलदस्ता !!!

चाहत कुछ पाने की, कुछ कर दिखाने की !!

नव वर्ष की शुभकामनायें !!

सपनो का प्यार !!

नारी हु !!

जल्द लौट आऊँगी !

एक दफा मैं, खुद की होना चाहती हु ।।

पत्थर है हम अब कभी रोते नहीं..!

मौसम ए त्यौहार और चुनाव !!

गम छिपाए रखते है!!